Sunday, August 5, 2018

हिंदू पार्टी या मुस्लिम पार्टी?

पल्स- अजय शुक्ल
हिंदू पार्टी या मुस्लिम पार्टी?
भारतीय संस्कृति, धर्म और राजनीति तीनों का मूल आदिकाल से सभी को आत्मसात करने वाला रहा है। यही कारण है कि हम सबसे समृद्ध संस्कृति और धर्म के अवलंबी हैं। अंग्रेजी हुकूमत के आने के पहले भले ही मुस्लिम आक्रांताओं ने हमें लूटा हो मगर वो हमें विभाजित नहीं कर पाये। मुगल काल तक जाति व्यवस्था हमारे समाज की पोषक थी न कि शोषक। हालात विध्वंसक हो रहे हैं, न केवल समाज में बल्कि राजनीति में भी। सियासत जाति और धर्म के आधार पर बंट चुकी है। हर घर के पड़ोस में एक दुश्मन का घर नजर आने लगा है। परिवारों में भी विभाजन रेखा खिंच रही है। सच को अपने मुताबिक देखने और दिखाने का दौर तेजी से उभरा है। ऐसे में एक सप्ताह के दौरान हिंदू पार्टी और मुस्लिम पार्टी पर चर्चा तेज हो गई है।
विश्व के सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद में भारतीय धर्म संस्कृति को बेहतर तरीके से समझाया गया है। यह वेद स्पष्ट करता है कि प्रकृति ही ईश्वर है और उसके प्रति कृतज्ञ रहो। हम प्रकृति के साथ हमजोली करेंगे तो सदैव सुखी रहेंगे अन्यथा संकट आएंगे। यह ग्रंथ स्पष्ट करता है कि कोई भी व्यक्ति किसी वर्ण विशेष का पैदा नहीं होता बल्कि वह अपने संस्कारों द्वारा वर्ण का निर्माण करता है। इससे यह स्पष्ट है कि न कोई जाति और न कोई धर्म। जो अपनी जैसी प्रकृति बनाएगा, वही हो जाएगा। दुख तब होता है जब हमें धर्म का पाठ वो पढ़ाते हैं जो स्वयं उसका “कखग” नहीं जानते। यही देश की भी पीड़ा है। हम यह चर्चा क्यों कर रहे हैं? यह सवाल उठना लाजिमी है। बताते चलें कि 1858 में जब अंग्रेजी हुकूमत सत्ता में आई तब देश जाति प्रथा के जाल में फंस चुका था। आक्रांताओं की हुकूमत के दौरान सती प्रथा भी भयावह हो चुकी थी। देश सामाजिक क्रांति चाहता था। हालात का फायदा उठाकर अंग्रेजी हुकूमत ने हमें हर तरह से बांटकर अपनी सत्ता स्थापित की। हम आपस में ही लड़ते रहे। धर्म के नाम पर हिंदू-मुस्लिम के बीच गहरी खांई खींच दी गई और हमने पीढ़ियों के अपने भाई, धर्म के नाम पर खो दिये।
हमारे सामने चुनौती थी कि देश को न केवल अंग्रेजी हुकूमत से बल्कि जाति-धर्म की कट्टरता से भी निजात दिलाई जाये। लाखों शहादतों के बाद आजादी की लड़ाई परिणित के करीब पहुंची तो अंग्रेजी हुकूमत ने एक और खेल किया। पाकिस्तान की मांग करने वाले मुस्लिम लीग के सरपरस्त मोहम्मद अली जिन्ना से दावा कराया कि कांग्रेस हिन्दुओ की पार्टी है और इसलिए मुस्लिम लीग की अगुआई में पाकिस्तान बनना चाहिए। हमारे देश का दुर्भाग्य है कि लोग अंग्रेजी हुकूमत की इस चाल को नहीं समझे और देश बंट गया। देश का तीसरा हिस्सा न हो, इसलिए भारत के नेताओं ने अपनी मूल संस्कृति के मुताबिक धर्मनिरपेक्षता को अपनाने का फैसला किया। धर्मनिर्पेक्षता और सहिष्णुता को आत्मसात करके भारत जहां तेजी के साथ आगे बढ़ा, वहीं धार्मिक कट्टरता अपनाने वाला पाकिस्तान बरबादी के कगार पहुंच गया। धर्मनिर्पेक्षता हमारी ताकत बनी। 70 के दशक में हमारे देश में भी धार्मिक उन्माद फैलाया जाने लगा। नतीजतन देश में दंगे फसाद और आतंकवाद की शुरूआत हुई। बीते एक दशक में यह खेल सिर चढ़कर बोलने लगा है। अब विकास और समृद्धि नहीं बल्कि धार्मिक उन्माद पर चर्चा अधिक होती है। सियासी फायदे के लिए जाति धर्म के आधार पर दल बंटने लगे हैं।
कोई सियासी दल खुद को हिंदूवादी घोषित करके गर्व महसूस कर रहा है तो कोई मुस्लिम परस्ती दिखा रहा है। कोई पिछड़ी जातियों का दल बन चुका है तो कोई दलित समुदाय की जातियों के सरपरस्त। इन सब के बीच देश, समाज और विकास की बात करने वाले नागरिक बेचारे हो गये हैं।11 जुलाई को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुछ मुस्लिम बुद्धिजीवियों के साथ बैठक कर उनके सामाजिक और सियासी मुद्दों पर चर्चा क्या की, हिंदूवादी पार्टी के समर्थक एक उर्दू अखबार ने कांग्रेस को मुसलमानों की पार्टी शीर्षक से खबर छाप दी। सच जाने बिना ही आरोपों-प्रत्यारोपों का सियासी दौर शुरू हो गया। सत्य यह है कि कौन हिंदू, कौन मुसलमान परस्त है? यह वो लोग भी नहीं जानते जो इन दलों का इस आधार पर समर्थन करते हैं।

हम बारीकी से समीक्षा करें तो मुसलमान कांग्रेस पर सवाल उठाते हैं और हिंदू भाजपा पर। जो जातिविहीन राजनीति की बात करते थे, वह जाति के आधार पर देश के वरिष्ठ पदों पर अयोग्य लोगों को बैठाने से गुरेज नहीं करते। देश को विकास की जरूरत है। देश को समृद्धि की जरूरत है। युवाओं से भरे इस देश को भारी तादाद में सुयोग्य रोजगार की जरूरत है। देश के लोगों में उत्पादकता भरने की जरूरत है। देश को न हिंदू सियासी दल चाहिए और न मुस्लिम परस्त। देश को दोनों समुदाय के लोगों में सेतु बनाकर उनका उपयोग विकास और समृधि के लिए करने वाला दल चाहिए।
जय हिंद।
(लेखक आईटीवी नेटवर्क के प्रधान संपादक हैं)
ajay.shukla@itvnetwork.com

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